Thursday, January 14, 2021

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श्री कृष्णा जन्म कथा | Shri krishna Janm katha in hindi

 श्री कृष्णा जन्म कथा | Shri krishna Janm katha in hindi 


नमस्कार मित्रों, आज के इस आर्टिकल में हम आपको भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी उनके जन्म की कथा सुनाएंगे | वैसे तो भगवान श्री कृष्ण का जीवन मनोरंजक कहानियों से भरा हुआ है उनके पूरे जीवन की तरह ही उनका जन्म भी एक मनोरंजक कहानी है जो इस प्रकार है |


 अब हम आपको श्री कृष्ण के जन्म से जुड़ी कहानी बताते हैं उनके जन्म के समय क्या-क्या घटनाएं हुई थी वह सब बताएंगे |


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Shri krishna janm katha



यह बात द्वापर युग के समय की है जब धरती पर  बहुत अधर्म बढ़ता जा रहा था | राक्षसों का अत्याचार और हाहाकार दिन प्रतिदिन पृथ्वी पर बढ़ता ही जा रहा था  | इन सबसे  बहुत परेशान होकर धरती मां गाय का रूप धारण करके देवताओं के पास गई और उन्हें बताया | हे देवता गण  मुझे बचाइए,  मेरी रक्षा कीजिए धरती पर राक्षसों का आतंक मुझ पर बहुत ज्यादा बढ़ता ही जा रहा है | इसे खत्म कीजिए |


 देवताओं के पास धरती मां की इस समस्या का कोई समाधान नहीं था | तो उन लोगों ने निर्णय लिया कि ब्रह्मा जी के पास चला जाए | उसके बाद ब्रह्मा जी के पास सभी देवता और धरती मां गए और वहां पहुंच कर उन्होंने ब्रह्मा जी से विनती की, प्रभु मेरे ऊपर राक्षसों का अत्याचार और हाहाकार बढ़ता जा रहा है | मैं बहुत ही परेशान हो गई हूं |


 फिर ब्रह्मा जी ने उनकी तरफ देखा और उनसे कहा इस समस्या का समाधान सिर्फ भगवान विष्णु कर सकते हैं | देवी आप उन्हीं के पास जाइए ब्रह्मा जी की बात मानकर उनके साथ सभी देवता गण भगवान विष्णु के निवास स्थान पर पहुंचे उस समय भगवन विष्णु शेषनाग पर लेटे हुए आराम कर रहे थे और वहां पहुंचकर सभी ने उन्हें प्रणाम किया और उन्हें बताया कि धरती मां इस तरह राक्षसों  के अत्याचार से परेशान हैं, प्रभु कुछ कीजिए |


 फिर भगवान विष्णु ने कहा देवी, आप परेशान मत होइए मैं बहुत जल्दी पृथ्वी लोक पर मनुष्य रूप में आऊंगा और बढ़ते हुए पाप को खत्म करूंगा उनकी बात सुनकर धरती मां बहुत खुश होकर वहां से चली गई |


उस समय उधर मथुरा में राजा उग्रसेन राज किया करते थे बहुत ही ज्यादा दयालु थे | उनका एक बेटा कंस  था जो बहुत ही अत्याचारी और  लालची था उसे राजगद्दी का बहुत ज्यादा मोह था | एक दिन उसने राजा उग्रसेन को सिंहासन से उतार  जेल में डाल दिया और वह खुद राजा बन गया, लेकिन कंस अपनी बहन देवकी से बहुत प्यार करता था | 

श्री कृष्णा जन्म कथा | Shri krishna Janm katha

फिर देवकी की शादी शूरसेन के पुत्र वासुदेव से हुई थी शादी के बाद कंस देवकी को विदा करने लगा था तभी आकाशवाणी हुई  कि देवकी की आठवीं संतान कंस का वध करेगी | 


यह सुनकर कंस के पैरों तले जमीन खिसक गई और वह बहुत डर गया और फिर उसने डर की वजह से देवकी और वासुदेव को जेल में डाल दिया | फिर कंस सोचने लगा कि देवकी की 8 संतानों में कौन सा पुत्र उसकी हत्या करेगा तो फिर वह बहुत असमंजस में पड़ गया | वह इस समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा था तो फिर उसने एक एक करके देवकी की सभी संतानों को खत्म करने का निर्णय लिया फिर उसने एक एक करके देवकी की 6 संतानों को वहीं चट्टान पर पटक कर मार दिया |


जब कंस ने 6 संतानों को चट्टान पर पटक कर मार दिया उसके बाद शेषनाग देवकी के सातवीं संतान के रूप में जन्म लेने वाले थे | परंतु देवताओं और भगवान ने एक योजना से देवकी का गर्भपात करवा दिया और और साथ ही उस संतान को वासुदेव की जो पहली पत्नी थी रोहिणी उनके गर्भ में पहुंचा दिया बाद में इस संतान को श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम के रूप में हम सब जानते हैं |

श्री कृष्णा जन्म कथा | Shri krishna Janm katha

 यह सब हो जाने के बाद भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में देवकी ने अपनी आठवीं संतान को जन्म दिया जैसे ही देवकी की आठवीं संतान ने जन्म लिया, जन्म लेते ही महल के सारे सैनिक अपने आप सो गए देवकी और वासुदेव की हथकड़ियां खुल गई और जेल के दरवाजे भी अपने आप खुलने लगे उन दोनों को उस समय कुछ समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है |


तभी वहां एक आकाशवाणी हुई कि अपने इस पुत्र को गोकुल में नंद बाबा के यहां छोड़ आओ, फिर देवकी और वासुदेव ने वैसा ही किया | उन्होंने टोकरी में भगवान श्रीकृष्ण को लेटाया और यमुना नदी के पार गोकुल में छोड़ कर आ गए | उस समय यमुना नदी ने भी उन्हें जाने का रास्ता दिया और फिर उन्होंने कृष्ण भगवान को गोकुल में छोड़ दिया और वहां पर पालने में सोई बेटी को अपने साथ जेल में ले आए |


फिर जब वासुदेव के वापस आने के बाद सब कुछ पहले जैसा हो गया फिर पहरेदार भी जाग गए और हथकड़ियां और जेल के दरवाजे सब अपने आप लग गए जैसे पहले थे |


जैसे ही सैनिक होश में आए उन्होंने देवकी की आठवीं संतान की खबर कंस को जाकर दी कंस जल्दी-जल्दी दौड़ते हुए उनके पास आया और उसने उस संतान को पकड़कर मारने के लिए हाथ उठाया तो तुरंत ही वह उसके हाथ से छूटकर हवा में उड़ गई और बोली है, 


 दुष्ट कंस मैं योग माया हूं और तुझे मारने के लिए भगवान ने गोकुल में अवतार ले लिया है अब तो तेरा अंत निश्चित है |


 कंस को पता लगा कि कृष्ण गोकुल में है तो कृष्ण को मारने के लिए कंस ने बहुत राक्षसों को भेजा लेकिन कोई भी उनका बाल बांका नहीं कर सका |


मित्रों यही है भगवान श्री कृष्ण के जन्म से जुड़ी हुई कथा आपको कैसी लगी आप हमें कमेंट करके बताइए और फिर बताइए कि आप को भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी हुई और कौन सी कथा के बारे में पढ़ना है फिर मैं आप उसी के बारे में लिखूंगा और आपको बताऊंगा |


मित्रों अगर आपको भगवान श्री कृष्ण की जन्म कथा (shri krishna janm katha ) आपको पसंद आई है तो आप इसे अपने मित्रों को जरुर शेयर करें और उनसे कहिए,


 वह भी पढ़ें और शेयर करें |


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Tuesday, January 5, 2021

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SMM - Social Media Marketing in hindi

 SMM - Social Media Marketing in hindi

दोस्तों अब हम लोग बात करेंगे social media marketing की|

जी हां दोस्तों, काफी लोग यह समझते हैं कि social media marketing और social media optimization एक ही चीज होती है लेकिन ऐसा नहीं है |

यह दोनों अलग-अलग चीजें होती हैं हमने पिछले आर्टिकल में आपको Social media optimization के बारे में बताया है आपने अगर नहीं पढ़ा है तो यहां पर क्लिक करके आप पढ़ सकते हैं | 


Social Media marketing kya hota hai 




 दोस्तों हम लोग बात करेंगे सोशल मीडिया मार्केटिंग के बारे में | दोस्तों सोशल मीडिया मार्केटिंग यह स्टेप्स आपको Social media optimization के बाद उठाना चाहिए क्योंकि जब भी कोई कंपनी या कोई ब्रांड अपने आपको grow करता है तो सबसे पहले वह सोशल मीडिया पर आएगा फिर सोशल मीडिया ऑप्टिमाइज करेगा उसके बाद उसे सोशल मीडिया मार्केटिंग में आना चाहिए |

Social media पर जब भी कोई ब्रांड या कंपनी आती है तो सबसे पहले वह सोशल मीडिया में अपनी presence दिखाता है मतलब हर जगह पर अपनी प्रोफाइल बनाता है अपने ब्रांड  अपनी कंपनी की और फिर वह उसे optimize करता है मेरा मतलब है केवल ठीक-ठाक तरीके से उसमें कंटेंट डाल देता है |

यह सब हो जाने के बाद सोशल मीडिया मार्केटिंग पर आते हैं  जिससे कि उसकी वेबसाइट वगैरह में ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक आ सके | 

Social Media Marketing क्या होता है ?


अब बात करते हैं कि सोशल मीडिया मार्केटिंग क्या होता है| सोशल मीडिया मार्केटिंग में हम लोग ज्यादातर फोकस paid campaign पर करते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम लोग ऑर्गेनिक campaign पर फोकस ना करें उस पर भी करते हैं | मतलब सोशल मीडिया मार्केटिंग में ऐड कैंपेन और फ्री campaign दोनों आ जाते हैं |

दोस्तों सोशल मीडिया मार्केटिंग के अंदर यह भी आता है कि हम लोग कंटेंट को किस तरह से distribute कर रहे हैं, किस तरह से पेश कर रहे हैं, किस तरह से campaign चला रहे हैं | 

दोस्तों जब भी आप कोई प्लानिंग करके किसी भी वेबसाइट के लिए आप ट्रैफिक जनरेट करना चाहते हैं और उसके लिए paid campaign चलाना चाहते हैं तो वह सब  सोशल मीडिया मार्केटिंग के अंदर आ जाएगा |

सोशल मीडिया मार्केटिंग में आप अपने इंटरेस्ट के अकॉर्डिंग पब्लिक को टारगेट कर सकते हैं | इसमें आप अपने कस्टमर को अपने-अपने सर्विस के हिसाब से टारगेट कर सकते हैं | सोशल मीडिया मार्केटिंग में आपको कंटेंट कैलेंडर आना चाहिए | सोशल मीडिया मार्केटिंग के लिए अच्छी advertising skill होनी चाहिए |


Social media marketing के फायदे 

  • सोशल मीडिया मार्केटिंग करके आप अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ा सकते हैं |
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग से आपकी brand awareness बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा पब्लिक आपके ब्रांड के बारे में जानेगी |
  • इसमें आसानी से आप अपने इंटरेस्ट की ऑडियंस को टारगेट कर सकते हैं |
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग से आप अच्छी लीड generate कर सकते हैं |
  • सोशल मीडिया मार्केटिंग से आप सेल बढ़ा सकते हैं |


Social media marketing के लिए बेस्ट  platform
इन सबके के अलावा आपको और भी प्लेटफार्म मिल जायेंगे पर बेस्ट Social media Platform यही हैं |

हेलो दोस्तों , आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Social media marketing के बारे में बताया है | अगर आपके मन में इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सवाल है या फिर आप इस आर्टिकल से जुड़ा कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके और हमें मेल करके बता सकते हैं |

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Sunday, December 27, 2020

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SMO - Social Media Optimization in hindi

 SMO - Social Media Optimization in hindi

दोस्तों आज का आर्टिकल है Social Media optimization आज के आर्टिकल में हम लोग बात करेंगे कि सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन क्या होता है और इसका इस्तेमाल कैसे करते हैं ?

दोस्तों फिर मैं आपको यह भी बताऊंगा कि सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन और सोशल मीडिया मार्केटिंग क्या होता है और उसमें अंतर |

Social media Optimization क्या होता है ?


 दोस्तों जैसा कि आप सब जानते हैं आज के समय में सोशल मीडिया पर बहुत ही ज्यादा ट्रैफिक है | बहुत ज्यादा लोग आजकल सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रहे हैं इसलिए हर एक बिजनेस के लिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि वह सोशल मीडिया पर आए |



Social media optimization in hindi




दोस्तों अगर आप आज के समय में अपने बिजनेस को सोशल मीडिया पर लेकर नहीं जा रहे हैं तो आप बहुत ही बड़ी opportunity मिस कर रहे हैं क्योंकि आज के समय में हर इंसान सोशल मीडिया पर है | दोस्तों Social media के ऊपर अपना presence बनाना यह एक अलग चीज है और उसको optimize करना यह अलग  चीज है |

दोस्तों सोशल मीडिया पर presence होने का मतलब है कि आपने सोशल मीडिया पर कोई भी प्रोफाइल बना ली लेकिन उसे ऑप्टिमाइज नहीं किया |


 दोस्तों मान लीजिये आपने अपने बिजनेस का एक facebook पेज बना लिया, आपने twitter पर प्रोफाइल बना ली, instagram पर प्रोफाइल बना ली तो यह केवल social media पर आपकी presence है |

Social media Optimization कैसे करते हैं |


 दोस्तों सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन जब हम करते हैं तो इसमें हम लोग campaign चलाते हैं और इसमें कोई भी हम लोग paid ad कैंपेन नहीं चलाते | 

दोस्तों अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए हम जो भी ऑफर्स youtube पर, facebook पर, twitter पर देते  हैं वह सारे social media optimization में काउंट होते हैं | दोस्तों सोशल मीडिया को optimize करने के लिए आपको  बाकायदा अच्छे तरीके से ऑप्टिमाइज करना होगा |

सबसे पहले अपनी प्रोफाइल ऑप्टिमाइज करनी होगी उसमें अच्छी तरह से About us लिखना होगा और profile pic अच्छी लगानी होगी और पूरी प्रोफाइल में अच्छे से इनफार्मेशन देनी होगी |

फेसबुक का अगर पेज बना रहे हैं तो उस पर एक कवर फोटो अच्छी होनी चाहिए सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के लिए, आपको अच्छे अच्छे कंटेंट पोस्ट करते रहना चाहिए |

यह सभी चीजें दोस्तों सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के अंदर आएँगी |दोस्तों हमें यह भी देखना चाहिए सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन में कि facebook page या और कोई जो भी सोशल मीडिया पर अपने  बिजनेस को  प्रमोट कर रहे हैं तो वहां पर मोबाइल नंबर, कांटेक्ट सब कुछ सही से लिखा होना चाहिए यह सभी चीजें social media optimization के अंदर आती हैं |

 दोस्तों सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन में हम लोग एक पॉजिटिव brand image बनाते हैं इसके लिए हम लोग facebook, twitter, instagram सभी पर अकाउंट बनाते हैं  |

दोस्तो एक बात आपको ध्यान रखनी होगी कि आपका facebook page और twitter में जो प्रोफाइल बनाई, इंस्टाग्राम पर जो प्रोफाइल बनाई, उन सभी में इनफार्मेशन एक जैसी होनी चाहिए | एक जैसा नाम , एक जैसे कांटेक्ट नंबर और एक जैसा about us | अगर आपकी ये सभी चीजे अलग अलग है तो फिर आप सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन नहीं कर रहे हैं और अगर आप ये सभी चीजे एक जैसी ही लिख रहे हो तो फिर वो सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के अंदर आ जायेगा |

तो अगर आप सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन के लिए किसी को hire करते हो तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप उससे मेरा मतलब है  जिस बंदे को आप hire कर रहे हैं उसे social media optimization के  algorithm के बारे में पता होना चाहिए | उसे पता होना चाहिए कि लाइक और शेयर का कितना क्या इंपोर्टेंस है और वह आपके बिजनेस को बढ़ा सकें |

 दोस्तों जब किसी बंदे को हम लोग hire करते हैं सोशल मीडिया ऑप्टिमाइज करने के लिए हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि उसे यह भी पता हो कि कौन-कौन सी नई चीजें सोशल मीडिया में आ रही है क्योंकि उनका इस्तेमाल कैसे बिजनेस बढ़ाने के लिए कर सकते हैं |

 जैसे कि आपने देखा होगा पहले फेसबुक पर स्टोरी नहीं आती थी या लाइव नहीं जा सकते थे अब यह सब होने लगा है इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या क्या नई नई चीजें आ रही है वह सब उसे पता होना चाहिए जिसे आप hire कर रहे हो |

Social media optimization और social media marketing में अंतर 


 दोस्तों social media optimization और social media marketing में यह अंतर होता है कि सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन में हम लोग अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए जिन चीजों का यूज करते हैं वह सब फ्री होती हैं जैसा कि मतलब  लिंक को शेयर करना और सोशल मीडिया मार्केटिंग में हम लोग paid campaign चलाते हैं |

दोस्तों इस आर्टिकल से जुड़ा आपके मन में कोई सवाल है या फिर कोई सुझाव है तो फिर आप हमें कमेंट करके बता सकता हैं या फिर आप हमें मेल कर सकते हैं |

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Monday, December 7, 2020

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What is Off Page SEO in hindi ?

Off Page SEO in hindi

हेलो दोस्तों , आज का आर्टिकल है What is Off Page SEO in hindi ?  इस आर्टिकल में मैं आपको Off Page SEO के बारे में सब कुछ बताऊंगा | ये कैसे करते हैं ये भी बताऊंगा |

What is Off Page SEO in hindi ? | ऑफ पेज एसइओ क्या होता है ?

दोस्तों अब बात आती है कि Off Page SEO क्या होता है ?


What is Off Page SEO in hindi ?




दोस्तों Off Page SEO  का इस्तेमाल डोमेन की authority और reputation बढ़ाने के लिए किया जाता है जो कि बैकलिंक्स, साइटेशन और social signal पर निर्भर करता है। अगर दुसरे शब्दों में कहूं तो यही कहूंगा कि ऑफ पेज SEO में वेबसाइट के बाहर काम होता है जबकि On Page SEO में वेबसाइट के अंदर काम होता है।  


Off Page SEO कैसे करते हैं ?

दोस्तों अब हम लोग बात करेंगे कि ऑफ पेज SEO  कैसे करते हैं ।  देखिये दोस्तों, आपको ये तो पता ही होगा कि ऑफ पेज SEO mainly तीन चीजों पर निर्भर करता है ।  जो इस प्रकार है -

Citation 
Backlinks 
Social Signals  

अब मैं ये सभी एक एक करके विस्तार से बताऊंगा। -

  • Citation -  आपकी वेबसाइट का नाम जितनी ज्यादा जगह लिखा हुआ होगा गूगल की नज़रों में आपकी वेबसाइट की रेपुटेशन उतनी ही ज्यादा अच्छी होगी | जब गूगल की नज़रों में आपकी वेबसाइट की रेपुटेशन अच्छी होगी तो फिर गूगल उसे रैंक भी करेगा | अच्छी रेपुटेशन केवल साइटेशन से ही नहीं  बनती इसके साथ साथ बैकलिंक्स और सोशल सिग्नल्स पर भी ध्यान देना होता है |                                                     
                                                                                                                                       दोस्तों साइटेशन एक प्रोसेस है, जिसमे गूगल ये ढूंढ़ने की कोशिश करता है कि आपकी जो      भी वेबसाइट है या जो भी आपका ब्रांड नाम है वो और कितनी जगह लिखा हुआ है | अगर दुसरे शब्दों में कहूं तो यही कहूंगा कि मान लीजिये कि आपकी कोई वेबसाइट है जिसका नाम XYZ है | अब साइटेशन में ये होता है कि गूगल ये देखता है कि आपकी जो वेबसाइट है xyz , उसका नाम और कहाँ कहाँ लिखा हुआ है |                                                                                                                                                                                                               दोस्तों अब बात आती है कि दूसरे की वेबसाइट में हमारा नाम कैसे आएगा | मेरे कहने का मतलब है कि हम साइटेशन कैसे करें ? साइटेशन करने का सबसे अच्छा तरीका है गेस्ट पोस्ट | आप गेस्ट पोस्ट लिख कर साइटेशन कर सकते हैं | इसके अलावा आप answer देकर भी कर सकते हैं | yahoo answer, quora पर आप answer दे सकते हैं और आप answer में अपना ब्रांड नाम लिख दीजिये लेकिन ब्रांड नाम एक अच्छे sentence के साथ होना चाहिए |
      
  • Backlinks - दोस्तों, आपने बैकलिंक्स शब्द तो काफी बार काफी जगह सुना होगा | क्या आप जानते हैं कि बैकलिंक्स क्या होता है ? 
    अगर आपको पता है तो अच्छी बात है अगर आपको नहीं पता है तो फिर मैं आपको बैकलिंक्स के बारे में बता देता हूँ | दोस्तों, अगर किसी दूसरे की वेबसाइट में आपकी वेबसाइट का लिंक है तो फिर वह लिंक बैकलिंक कहलाता है |दोस्तों अब बात आती है की बैकलिंक्स कैसे बनाते हैं | 

    देखिये दोस्तों दूसरे की वेबसाइट में हम खुद तो अपना लिंक डाल नहीं सकते  अगर आप beginner है तो फिर आपको एक छोटी से शुरुआत करनी होगी बैकलिंक के लिए | जब आपकी वेबसाइट पट ट्रैफिक आने लगेगा तब तो फिर लोग खुद ही बैकलिंक देने लगेंगे |

    शुरुआत के लिए दोस्तों आपको इस तरह बैकलिंक बनाने होंगे |  -

    अपनी वेबसाइट को डायरेक्टरी सबमिशन में सबमिट करें |            
                                       
    अपने ब्लॉग वेबसाइट में यूनिक और क्वालिटी कंटेंट लिखें |         
                                           
    दोस्तों आप गेस्ट ब्लॉगिंग के जरिए भी बैकलिंक्स बना सकते हैं   |
                                          
    बैकलिंक्स के लिए कमेंट करना शुरू कर दें आप ऐसी वेबसाइट पर कमेंट कीजिएगा जो आपके ही niche की हो |


  • Social Signals - दोस्तों सोशल सिग्नल से आप समझ ही चुके होंगे की हम यहाँ पर सोशल मीडिया की बात कर रहे हैं | देखिये दोस्तों जब भी आप कोई अपना ब्लॉग पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं | उसके बाद अगर लोग भी उसे reshare  करते हैं तो फिर आपकी वेबसाइट की गूगल की नजर में अच्छी रेपुटेशन बनती है | इससे गूगल रैंकिंग पर ज्यादा असर तो नहीं पड़ेगा पर काफी हद तक आपकी वेबसाइट की रेपुटेशन बन जाएगी और आपका पोस्ट काफी शेयर हो रहा है | इसलिए दोस्तों अपने ब्लॉगपोस्ट को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें |
दोस्तों आज के इस आर्टिकल What is Off Page SEO in hindi ? से जुड़ा आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं |

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Thursday, December 3, 2020

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What is On Page SEO in hindi ?

 On Page SEO in hindi

हेलो दोस्तों , आज का आर्टिकल है What is On Page SEO in hindi , इस आर्टिकल में हम आपको ऑन पेज एसइओ के बारे में सब कुछ बताऊंगा और यह भी बताऊंगा कि ऑन पेज एसइओ कैसे करते हैं ?

What is On page SEO in hindi ?

अब बात करते हैं कि ऑन पेज एसइओ क्या होता है ? 



What is On Page SEO in hindi ?





दोस्तों जब हम किसी कीवर्ड को अपने आर्टिकल के अंदर इस तरह से सेट करते हैं कि उस कीवर्ड पर हमारा आर्टिकल रैंक करना चालू कर दे इस प्रक्रिया को On Page SEO कहते हैं |


Blog Post में On Page SEO करना क्यों जरुरी होता है ?

ब्लॉग पोस्ट में ऑन पेज एसइओ इसलिए जरुरी है क्योंकि इससे हम लोग अपने आर्टिकल पर ज्यादा से ज्यादा ट्रैफिक ला सकते हैं |

On Page SEO कैसे किया जाता है ?

दोस्तों जब भी हमें On Page SEO करना होता है तो फिर हमें कुछ बातों का काफी ध्यान रखना होता है अब मैं आपको बताऊंगा कि ऑन पेज एसइओ कैसे करें |


1. Keyword - दोस्तों हमें अपने article में कीवर्ड का बहुत ध्यान रखना होता है | इसलिए हमें कीवर्ड से जुड़ी इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

  • Keyword Research. - जब भी आप कोई आर्टिकल लिखें तो फिर पहले Keyword Research जरूर करें क्योंकि उससे आपको ये आईडिया लग जायेगा कि लोग क्या सर्च कर रहे हैं | फिर आप उस पर अच्छा सा आर्टिकल लिखें |
  • Keyword Density. - देखिये दोस्तों जब भी आप आर्टिकल लिखते हैं तो फिर आपको उसमे कीवर्ड लिखने होते हैं जिससे कि आर्टिकल रैंक कर सके | अब बात आती है कि हमें आर्टिकल में कीवर्ड कितनी बार लिखना चाहिए | दोस्तों आपको अपने आर्टिकल में कीवर्ड को मिनिमम १% और मैक्सिमम २.५% इस्तेमाल करना है | ध्यान रहे उससे ज्यादा कीवर्ड इस्तेमाल न करें क्योंकि वो Keyword stuffing में आ जायेगा |  सही  Keyword Density भी  On Page Optimization के लिए बहुत जरुरी है। 
  • Keyword Placement - दोस्तों जब भी आप आर्टिकल में कीवर्ड को प्लेस करें तो इस बात का ध्यान जरूर रखें कि हम कीवर्ड को कहाँ प्लेस कर रहें हैं | आर्टिकल में keyword का  सही placement बहुत जरुरी होती है | अगर कीवर्ड प्लेसमेंट आपने सही किया है तो फिर आपका आर्टिकल जल्दी से रैंक हो जायेगा |
  • Keyword Proximity - देखिये दोस्तों हम लोगों को एक कीवर्ड को एक ही तरह से हर जगह नहीं लिखना चाहिए | थोड़ा चेंज करके भी लिखना चाहिए जैसे कोई कीवर्ड है weight loss तो उसे कहीं कहीं lose weight भी लिख दीजिये | इस तरीके से कीवर्ड में थोड़ा बदलाव करके कीवर्ड लिख दीजिये | यही keyword proximity होती है |
  • Long Tail keywords - दोस्तों अपने ब्लॉग के आर्टिकल में Long Tail keywords का इस्तेमाल जरूर करें | इससे आपका आर्टिकल जल्दी रैंक होगा |



2. Content - दोस्तों  On Page SEO के लिए हमें सबसे ज्यादा ध्यान कंटेंट में देना होता है  जब भी हम  अपने ब्लॉग या वेबसाइट में कोई आर्टिकल लिखते हैं तो जो सबसे महत्वपूर्ण होता है वह होता है कंटेंट | कंटेंट लिखते समय हमें कुछ बातों का ध्यान देना चाहिए जैसे कि - 

  • Unique Content - अपने ब्लॉग पोस्ट में हमेशा यूनिक और फ्रेश कंटेंट लिखें | कभी भी किसी भी कंटेंट को यहाँ वहां से कॉपी न करें |
  • Check Plagiarism - अपने ब्लॉग को पब्लिश करने से पहले plagiarism जरूर चेक करें | जिससे कि आपको ये पता लग जाए कि आपका आर्टिकल कितने परसेंट यूनिक है |
  • Language ease - जब भी आप कोई कंटेंट लिखें तो उसमे हमेशा अपनी लैंग्वेज को सिंपल रखें | ऐसी लैंग्वेज का प्रयोग न करें जो कि पढ़ने वाले को समझ में ही ना आये |
  • Correct Language - दोस्तों अपने ब्लॉग के आर्टिकल में हमेशा सही वाक्यों और सही शब्दों का चयन करें जिससे कि पढ़ने वाले को इंटरेस्ट आये और अच्छा लगे |
  • Detailed content in post - देखिये दोस्तों On Page SEO के लिए डिटेल्ड कंटेंट का होना बहुत जरुरी है | अपने ब्लॉग के आर्टिकल को हमेशा १००० शब्दों से ज्यादा का लिखें | अगर हो सके तो लगभग १५००-२००० शब्दों का आर्टिकल लिखें |
  • Proper use of Heading - On Page SEO के लिए अपने आर्टिकल में हैडिंग का इस्तेमाल सही से करें,  SEO  के लिए ये भी बहुत जरुरी है | आप अपने आर्टिकल में H1 का   इस्तेमाल एक बार करें और H2 का इस्तेमाल दो बार करें तथा H3 का इस्तेमाल आप कई बार कर सकते हैं | 
  • Content Decorations - दोस्तों ब्लॉग आर्टिकल में कंटेंट का डेकोरेशन बहुत जरुरी है | इसलिए अपने कंटेंट में गैप और पैराग्राफ बना कर जरूर लिखें जिससे कि आपका आर्टिकल पढ़ने वाले को अच्छा एक्सपीरियंस दे | 



3. Title - दोस्तों ऑन पेज एसइओ में टाइटल का भी बहुत महत्व होता है | टाइटल में ६०-७० करैक्टर होने चाहिए और इसके साथ साथ टाइटल में प्राइमरी कीवर्ड जरूर होना चाहिए |

4. Permalink - दोस्तों Permalink मतलब पेज का URL है | पर्मालिंक में इस बात का ध्यान जरूर रखना कि उसमे प्राइमरी कीवर्ड जरूर आना चाहिए और URL में stopping  कीवर्ड का इस्तेमाल न करें  | 

5. Meta Description - दोस्तों On Page SEO में Meta Description भी बहुत जरुरी है | मेटा डिस्क्रिप्शन एक तरीके से आपके आर्टिकल का शार्ट डिस्क्रिप्शन होता है | जो कि आपको १४०-१७० करैक्टर का लिखना होता है | इसमें प्राइमरी कीवर्ड के साथ साथ सेकेंडरी कीवर्ड का भी इस्तेमाल जरूर करें  |

6. Image Optimization - दोस्तों On Page Optimization में Image Optimization भी बहुत जरुरी है इसलिए इमेज के नाम को हमेशा प्राइमरी कीवर्ड से सेव करें | जब भी आप ब्लॉग में इमेज लगाएं तो फिर उसमे ऑल्ट टेक्स्ट में हमेशा कीवर्ड को लिखें | 


On Page SEO techniques 
  • अपने URL में Focus कीवर्ड जरूर लिखें |  
  • Blog Post के title में focus keyword जरूर लिखें |
  • अपने blog के आर्टिकल में  first paragraph में focus कीवर्ड जरूर लिखें |
  • इमेज के नाम और इमेज के Alt Tag में फोकस कीवर्ड का  इस्तेमाल करें |
  • वेबसाइट की स्पीड को सही रखें |
  • अपनी वेबसाइट का डिज़ाइन सिंपल रखें |
  • अपनी वेबसाइट में एक्सटर्नल लिंकिंग और इंटरनल लिंकिंग जरूर करें |

दोस्तों ये टिप्स आप फॉलो करके अपने आर्टिकल को रैंक करवा सकते हैं | 
दोस्तों अगर आपको हमारा आर्टिकल what is On Page SEO in hindi ? अगर पसंद आया है और ये आपके लिए helpful साबित हुआ है तो फिर इसे शेयर करना न भूलें |

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Wednesday, December 2, 2020

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Keyword Research for SEO in hindi

Keyword Research for SEO in hindi

हेलो दोस्तों आज का आर्टिकल है Keyword research for SEO | आज इस आर्टिकल  में मैं आपको कीवर्ड रिसर्च के बारे में सब कुछ बताऊंगा और ये भी बताऊंगा कि हम लोग फ्री में कीवर्ड रिसर्च कैसे करें |

Keyword Research क्या है ?

दोस्तों कीवर्ड रिसर्च एक प्रोसेस है जिसमे कि हम एक ऐसे कीवर्ड के बारे में रिसर्च करते हैं जो लोगों द्वारा सर्च इंजन पर ज्यादा से ज्यादा सर्च किया जा रहा हो | जिससे कि हम उस कीवर्ड को अपने आर्टिकल में add करके अपने आर्टिकल को सर्च इंजन पर रैंक करा सकें |


Keyword Research for SEO


Benefit of Keyword research for SEO | कीवर्ड रिसर्च के क्या क्या फायदे हैं ?

कीवर्ड रिसर्च करने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको SEO करने में आसानी रहती है और आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर फ्री में अच्छा ट्रैफिक ला सकते हैं |

Keyword Research - SEO के लिए क्यों जरुरी है ?

हेलो दोस्तों, SEO  में कीवर्ड रिसर्च इसलिए जरुरी होता है क्यूंकि अगर हम कीवर्ड रिसर्च अच्छे से करेंगे तो फिर हम लोग अपने आर्टिकल को गूगल पर आसानी से रैंक करवा लेंगे | 


Keyword Research कैसे करें ?

दोस्तों वैसे तो कीवर्ड रिसर्च के लिए बहुत सारे टूल्स हैं जिनमे कुछ paid टूल्स हैं और कुछ फ्री हैं | आज मैं आपको यहाँ पर फ्री में कीवर्ड रिसर्च कैसे करते हैं ये बताऊंगा | दोस्तों फ्री में कीवर्ड रिसर्च करने के लिए जो बेस्ट कीवर्ड रिसर्च टूल है वो है गूगल कीवर्ड प्लानर | गूगल कीवर्ड प्लानर की सहायता से आप फ्री में कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं | अब मैं आपको बताऊंगा कि हम गूगल कीवर्ड प्लानर में कीवर्ड रिसर्च कैसे करेंगे ?

हेलो दोस्तों, अब मैं आपको गूगल कीवर्ड प्लानर के बारे में बताना जहां जा रहा हूं जिसके जरिए आप आसानी से कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं और फिर उसके बारे में यह भी जान सकते हैं कि कितने लोग क्या सर्च कर रहे हैं और उसका सर्च वॉल्यूम कितना है | दोस्तों अगर आप ब्लॉगिंग करते हैं तो यह आपके लिए बहुत जरूरी है लेकिन दोस्तों इसके लिए सबसे पहले आपको एक ब्राउज़र में टाइप करना होगा गूगल कीवर्ड प्लानर टूल फिर आप Google adwords वाले टाइटल पर जाइएगा |

 दोस्तों सबसे पहले आपको गूगल एडवर्ड्स में अकाउंट क्रिएट करना होगा | दोस्तों फिर आप अपनी जीमेल से यहां पर अकाउंट बना लीजिएगा | दोस्तों यदि आप कोई वेबसाइट बनाते हैं ब्लॉग बनाते हैं तो फिर आपको कीवर्ड रिसर्च जरूर करनी चाहिए क्योंकि उससे आपको आईडिया लग जाता है कि लोग क्या सर्च कर रहे हैं और कौन सी चीज कितना सर्च कर रहे हैं |  इसलिए आप  गूगल कीवर्ड प्लानर का इस्तेमाल कर सकते हैं यह फ्री टूल है  इसे आप कीवर्ड रिसर्च के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं दोस्तों जब आप गूगल एडवर्ड्स में अकाउंट बना लेंगे फिर आपके पास एक  पेज खुलेगा उसके ऊपर लिखा होगा Tools and settings फिर आपको वहां पर क्लिक करना होगा |

 दोस्तों अगर आप ऐड चलाना चाहे तो गूगल एडवर्ड्स पर आप अपने ad चला सकते हैं हम बात करेंगे यहां पर गूगल कीवर्ड रिसर्च के बारे में इसलिए आप tools and settings पर जाइए वहां पर ऑप्शन मिलेगा गूगल कीवर्ड प्लानर फिर उस पर आप क्लिक कर दीजिए फिर आपके सामने यह पेज खुल जाएगा |

Google Keyword Planner





दोस्तों फिर आपके सामने एक ऑप्शन आएगा Discover न्यू कीवर्ड्स फिर वहां पर  आपको क्लिक कर देना है | फिर आप जिस कीवर्ड पर काम करना चाहते हैं उसको लिख दीजिए और सर्च कीजिए |
 दोस्तों जैसे ही आप सर्च करेंगे तो आपके सामने लिस्ट खुलकर आ जाएगी वहां पर आपको जो कीवर्ड आपने डाला है उसके बारे में और उससे भी मिले-जुले लाइन से कीवर्ड आएंगे और उन पर कितना सर्च वॉल्यूम आ रहा है यह भी लिखकर आ जाएगा |

 दोस्त फिर आपको ऐसा कीवर्ड सिलेक्ट करना है जिसका सर्च वॉल्यूम ज्यादा हो और कॉन्पिटिशन कम हो |

दोस्तों आप उस कीवर्ड पर काम कीजियेगा जिसका सर्च वॉल्यूम ज्यादा हो और कम्पटीशन कम हो | इस तरह आप यहां से  अच्छा कीवर्ड ढूंढ लीजिए फिर कीवर्ड ढूंढने के बाद आप उस पर एक अच्छा सा आर्टिकल लिख दीजिए जो कि कम से कम 1000 शब्दों से ज्यादा का हो |

दोस्तों इस तरह आप फ्री में गूगल कीवर्ड प्लानर की सहायता से कीवर्ड रिसर्च कर सकते हैं |

दोस्तों आज के हमारे इस आर्टिकल Keyword research for seo के बारे में अगर आपके पास कोई सवाल है तो फिर आप हमसे कमेंट करके पूछ सकते हैं |

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Wednesday, November 18, 2020

Prabhat

SEO क्या है और कैसे करते हैं ?

 SEO in hindi

दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में मैं आपको SEO के बारे में बताऊंगा | आज के इस आर्टिकल में आपको इससे जुड़ी सारी जानकारी मिलेगी इस आर्टिकल में आपको पता चलेगा कि - 

-- SEO क्या है ?
-- SEO करना क्यों जरुरी है ?
-- SEO कितने प्रकार के होते हैं ?
-- SEO और SEM में क्या अंतर है ?

SEO क्या है ?

SEO की फुल फॉर्म होती हैं - Search Engine Optimization | इससे हम लोग अपनी वेबसाइट और ब्लॉग के content को इस तरीके से ऑप्टिमाइज़ करते हैं जिससे हमारी वेबसाइट और ब्लॉग का पेज सर्च इंजन में टॉप पर आ जाये | इसकी मदद से हम लोग अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को सर्च इंजन में नंबर १ पर लाते हैं |

SEO kya hai aur kaise karte hain ?


SEO करना क्यों जरुरी है ?

दोस्तों, अब बात आती हैं कि SEO ब्लॉग के लिए क्यों जरुरी हैं ? 
दोस्तों, search engine optimization ब्लॉग के लिए इसलिए जरुरी है क्यूंकि इसकी मदद से हम लोग अपने ब्लॉग और ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन पर सबसे ऊपर रैंक करवा सकते हैं | अब बात आती है कि हम लोग ब्लॉग पोस्ट को रैंक क्यों करवाते हैं यह इसलिए करवाते हैं क्यूंकि आपने देखा होगा कि जब भी लोगों को किसी के बारे में जानकारी चाहिए होती है तो फिर वो उसे सर्च इंजन पर सर्च करते हैं | 

आपने देखा होगा कि ज्यादातर का सर्च इंजन के पहले पेज पर जो लिंक आते हैं उसी को ज्यादा क्लिक करते हैं | इसलिए अगर हम ये चाहते हैं कि हमारे ब्लॉग पर ज्यादा लोग आये तो फिर हमें अपने ब्लॉग को फर्स्ट पेज पर रैंक करवाना होगा | अब तो आप समझ गए होंगे कि ब्लॉग को रैंक करवाना क्यों जरुरी है और ब्लॉग को रैंक कराने के लिए हमें search engine optimization करना पड़ता है |


SEO कितने प्रकार के होते हैं ?

अगर बात करें SEO के प्रकार की तो बताना चाहूंगा कि ये मुख्यता 4 प्रकार के होते हैं -

  • On-Page SEO .
  • Off-Page SEO.
  • Technical SEO.
लेकिन वेबसाइट की रैंकिंग के लिए ये तीन बहुत जरुरी हैं | सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के लिए कुछ चीजों की आवश्यकता पड़ती है जो इस प्रकार है - 
1 - Active website एक्टिव वेबसाइट 
2 - Content rich कंटेंट रिच 
3 - Hosting speed होस्टिंग स्पीड 
4 - Social presence सोशल प्रजेंस 
5 - Domain name age 
6 - Back links बैकलिंक्स 
7 - Internal linking इंटर्नल लिंकिंग 
8 - Regular Content posting रेगुलर कंटेंट पोस्टिंग 

  • ON-Page SEO - इसमें हम लोग अपनी वेबसाइट और ब्लॉग को seo friendly तरीके से डिज़ाइन करते हैं | इसमें में हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करते हैं | इसमें हमें keyword, Content, Title, Permalink, Meta Description और  image optimization का ध्यान रखना पड़ता है |

  • OFF-Page SEO - इसमें सारा काम ब्लॉग के बहार होता है | इसमें हम लोग SEO Techniques का इस्तेमाल करते हैं पर वेबसाइट या ब्लॉग में कोई बदलाव नहीं करते हैं |  OFF-Page SEO में हमें Citation, Backlink और  social signal का ध्यान रखना पड़ता है |
 
  • Technical SEO - Technical SEO में हम लोग यूजर एक्सपीरियंस को अच्छा करने की कोशिश करते हैं |

SEO और SEM में क्या अंतर है ?

SEO - SEO की फुल फॉर्म होती है search engine optimization. ये एक प्रोसेस है जिसमे ब्लॉग या वेबसाइट को ऐसे ऑप्टिमाइज़ करते हैं जिससे कि आपका ब्लॉग या वेबसाइट के आर्टिकल्स को गूगल सर्च पर रैंक कर सकें और फ्री में ट्रैफिक ला सकें |

SEM - SEM की फुल फॉर्म होती है search engine marketing. ये एक मार्केटिंग प्रोसेस है जिससे कि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च इंजन पर ज्यादा विज़िबल बना सकते हैं जिससे कि ट्रैफिक आये, चाहे वह फ्री ट्रैफिक हो या paid ट्रैफिक |


Conclusion - SEO क्या है ? ( SEO in hindi )

दोस्तों अब तो आप समझ ही चुके होंगे कि search engine optimization क्या होता है ? अगर आपके पास कोई ब्लॉग या वेबसाइट है तो फिर आपको ये सीखना पड़ेगा आजकल कम्पनीज SEO एक्सपर्ट्स रखते हैं जिससे कि उस कंपनी की वेबसाइट गूगल सर्च पर रैंक करती रहे | दोस्तों अगर आप इस फील्ड में carrier बनाना चाहते हैं तो फिर आपको ये सीखना ही पड़ेगा |

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