Sunday, June 23, 2019

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Global Warming in hindi | ग्लोबल वार्मिंग इन हिंदी

Global Warming in hindi

 दोस्तों, Global Warming के खतरे को अभी हम समझ नहीं रहे हैं ।
 ग्लोबल वार्मिंग आगे चलकर बहुत बड़ा खतरा बन जायेगा इसलिए हमें अभी से ही  ग्लोबल वार्मिंग की  समस्या को समझना होगा और  ग्लोबल वार्मिंग से होने वाली कठिनाईओं से पृथ्वी को और अपने आप को बचाना होगा

हेलो दोस्तों,

क्या आपने सोचा है की आजकल पृथ्वी पर इतनी ज्यादा गर्मी क्यों होती जा रही है ?

क्या आपने सोचा है की अब मौसम में इतना ज्यादा बदलाब क्यों होता जा रहा है ?

क्या आपको पता है कि हमारी पृथ्वी एक बहुत बड़े खतरे में है ?

क्या आपको पता है की वो खतरा क्या है ?

अगर आपको नहीं पता है तो आज हम आपको सब कुछ बताएंगे ।


दोस्तों उस खतरे का नाम है   ग्लोबल वार्मिंग। दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की  ग्लोबल वार्मिंग क्या है और  ग्लोबल वार्मिंग का हमारी पृथ्वी पर असर , कारण और उपाय के बारे में बात करेंगे ।

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Global Warming


Global warming क्या है ?

दोस्तों  Global Warming का मतलब होता है पृथ्वी के तापमान में लगातार वृद्धि होना Global Warming की वजह से हमारी पृथ्वी पर काफी तरह के बदलाव ( Climate Change) आते जा रहे हैं । हमारी पृथ्वी में काफी तरह की समस्या पैदा होती जा रही हैं । पिछले 100 सालों में हमारी पृथ्वी का टेम्परेचर 0.75 डिग्री  तक बढ़ चूका हैं । जिसकी वजह से हमारी पृथ्वी पर काफी तरह के बदलाब  आ चुके हैं जैसे की हमारी पृथ्वी पर गर्मी पहले के मुकाबले अब काफी बढ़ चुकी हैं और हमारी पृथ्वी पर सर्दी कम होती जा रही हैं । ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हमारी पृथ्वी पर बारिश में भी काफी बदलाव आ चुके हैं ।

हमारी पृथ्वी में समुद्र का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा हैं जिसकी वजह से समुद्र किनारे जो city हैं उन्हें  बहुत  बड़ी समस्या  का सामना करना पड़ रहा है और वो लगातार डूबने की कगार पर आते जा रहे हैं । ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हमारी पृथ्वी पर ग्लेशियर पिघलते जा रहे हैं । अगर सही बताये तो ग्लोबल वार्मिंग  का असर हर इंसान पेड़ पौधे सभी पर पड़ने लगा हैं । यह समस्या हर साल बढ़ती जा रही हैं अगर हम इसके समाधान के बारे में नहीं सोचेंगे तो हमें आगे चल कर बहुत problems झेलनी पड़ेगी ।

 ग्लोबल वार्मिंग  की समस्या को एक आम आदमी बिलकुल नहीं समझता वो इसे एक टेक्निकल टर्म  (technical term) समझ कर नजरअंदाज करता हैं.। आम आदमी को यह लगता हैं की इससे कोई समस्या नहीं हैं पर अगर वैज्ञानिक परिभाषा की बात करे तो आगे चल कर यह एक बहुत ज्यादा बड़ी समस्या  साबित होगी जिसका असर दिखना अभी से चालू हो गया है । दोस्तों हमें इस समस्या को समझना होगा और इसका समाधान भी करना होगा  । ग्लोबल वार्मिंग २१ सेंचुरी की सबसे बड़ी समस्या है ।

Global warming के कारण 

हमारी पृथ्वी पर जो Global Warming की वजह से तापमान (temperature) मे बदलाव आ रहा है उसका मुख्य कारण है ग्रीन हाउस गैस । ग्रीन हाउस गैस वो गैस हैं जो बाहर से मिलने वाली गर्मी को सोख लेती है जिसकी वजह से तापमान में वृद्धि हो जाती है ।

ग्रीन हाउस गैसो का प्रयोग हम वहां पर करते हैं जहाँ बहुत ज्यादा सर्दी होती है और वहां पर बहुत ज्यादा सर्दी की वजह से पेड़ पौधे रहे नहीं  सकते । ऐसी जगहों पर हम एक कांच का घर बनाते हैं  फिर  उसमे पेड़ पौधे लगाते हैं ।  उस कांच के घर में हम लोग ग्रीन हाउस गैस भर देते हैं । फिर ये ग्रीन हाउस गैस सूरज से मिलने वाली गर्मी को सोख लेती हैं और वहां के वातावरण को गर्म कर देती हैं जिससे की पौधे ख़राब न हों । अब आज के समय में यही प्रक्रिया पृथ्वी में होने लगी है । जिसकी वजह से गर्मी बढ़ती जा रही है ।


ग्रीन हाउस गैस में सबसे मुख्य है कार्बन डाइऑक्साइड, इसके अलावा और भी गैस ग्रीन हाउस गैस में आती हैं जैसे मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड , फ़्लोरिनेटेड गैस, ये सभी ग्रीन हाउस गैस हैं ।  ये सभी गैस हमारी पृथ्वी पर Global Warming का कारण हैं । लेकिन हमारी पृथ्वी पर ग्लोबल वार्मिंग  का जो सबसे बड़ा कारण है वो है कार्बन डाइऑक्साइड । इसी की वजह से ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ती जा रही है क्योकि हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड गैस बढ़ रही  है । आज के समय में ग्रीन हाउस गैस का बढ़ना और  पृथ्वी के तापमान का बढ़ना ये सब मानव निर्मित है । 

हमारी पृथ्वी पर सांस लेने की क्रिया में सभी जीव जंतु कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ते हैं । जो मुख्य कारण है कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़ने का वो है जीवाश्म इर्धन को जलाना । जैसे कि जब भी हम लकड़ी, कोयला, सॉलिड वेस्ट (solid waste)  इत्यादि को जलाते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है । इसके अलावा हम जान कोई रासायनिक प्रतिक्रिया करते हैं जैसे कि सीमेंट बनाना तो उससे भी कार्बन डाइऑक्साइड हमारे वातावरण में बढ़ती है । आजकल तो इतनी ज्यादा औधोगिकरण हो चूका है जिससे कि ये गैस बढ़ती जा रही हैं । 

पेड़ पौधे इस कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं पर आज के इंसान ने जंगल भी काट दिए हैं और काटता जा रहा है ।  इस वजह से ये समस्या बढ़ती जा रही है । इसके अलावा हमे अपने घरों में एयर कंडीशनर, फ्रीज, और भी कूलिंग मशीन का प्रयोग करते हैं जिससे कि CFC गैस ( chloro Fluoro Carbon) निकलती है ये भी हमारे वातावरण में ग्लोबल वार्मिंग कि समस्या  को बढाती है ।  ग्लोबल वार्मिंग  से जुड़ी जितनी भी तरह कि समस्या है वैज्ञानिको के अनुसार ये सब मानव निर्मित हैं और हमें ही इसे रोकना होगा ।

Global Warming का पृथ्वी पर असर 

अगर ग्रीन हाउस गैस इसी प्रकार बढ़ती रही तो आगे चल कर हमारी पृथ्वी का तापमान और भी ज्यादा बढ़ेगा। फिर बाढ़, और सूखे जैसी समस्या बढ़ेंगी । हमारी पृथ्वी पर मौसम में भी काफी परिवर्तन आ जायेगा । इससे फिर ग्लेशियर कि बर्फ पिघलने लगेगी जिसकी वजह से समुद्र के जलस्तर में बड़ोत्तरी होगी और समुद्र किनारे के काफी इलाके पानी में डूब जायेंगे । फिर इतनी ज्यादा तबाही मचेगी जो कि किसी विश्वयुध्य या एस्टेरोइड के पृथ्वी के टकराने से ज्यादा होगी । हमें जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान ढूँढना होगा ।

Global Warming को रोकने के तरीके 

यदि हम इस समस्या का समाधान चाहते हैं तो हमें अपने घरों में फ्रिज, एयर कंडीशनर, और भी कूलिंग मशीनों का इस्तेमाल कम करना होगा । जंगलो को काटने से रोकना होगा । हमें प्रदूषण रोकने के ठोस उपाय करने होंगे क्योकि चिमनी से , वाहनों से निकलने वाला धुआँ भी कार्बन दी डाइऑक्साइड  को बढ़ाता है और  हमें बिजली का उत्पादन करने के लिए कोयले के वजाहे पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा का प्रयोग ज्यादा करना होगा जिससे कि हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड न बढ़े । इस तरह हमें भी अपना योगदान पृथ्वी को बचाने में देना चाहिए अगर हम कुछ नहीं कर सकते तो पेड़ तो लगा ही सकते हैं ।


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