क्या पृथ्वी को Global warming से बचाया जा सकता है या नहीं ?

हेलो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे एक ऐसे खतरे के बारे में जो दिन प्रतिदिन हमारी  पृथ्वी पर बढ़ता ही जा रहा है 

और 

क्या हम उस खतरे से अपनी पृथ्वी को बचा पाएंगे या नहीं बचा पाएंगे ?


आज इसी के बारे में बात करेंगे वह खतरा कौन सा है क्या है | यह सब मैं आपको आगे आर्टिकल में बताऊंगा | दोस्तों, आज के समय में जो सबसे ज्यादा और सबसे बड़ा खतरा हमारी पृथ्वी पर है वह है Global warming  दूसरे शब्दों में कहें तो पृथ्वी के तापमान में वृध्दि अर्थात  जलवायु में आता हुआ परिवर्तन, क्योंकि हर साल पृथ्वी पर जलवायु में परिवर्तन आता जा रहा है - जहाँ सूखा होता है वहां बाढ़ आ जाती है और जहाँ बाढ़ आती थी वहां सूखा पड़ रहा है |


Global Warming


 आजकल गर्मी  दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है अभी तक वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए आंकड़े हमें बताते हैं कि हर साल पृथ्वी का तापमान बढ़ता जा रहा है हर साल पृथ्वी का तापमान बीते हुए साल की तुलना में अधिक होता जा रहा है | आज के समय में विश्व भर के जंगलों में आग शांत होने का नाम ही नहीं ले रही है और समुद्र किनारे वाले इलाकों में एक के बाद एक भयानक तूफान भी आते जाते हैं |


Global warming की वजह से दुबई जैसे  गर्म महानगरों में भी सर्द तूफान आ जाते हैं और आज के समय में वर्षों से स्थायी पड़े बर्फ के पहाड़ आजकल पिघल रहे हैं | पिछले कई वर्षों से हो रहे इस जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारण Greenhouse gas हैं | यह गैसें पृथ्वी पर औद्योगिक क्रांति के बाद शुरू हुई थी और हमारे वातावरण में यह गैसें लगातार बढ़ रही हैं सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि आज के समय में भी हम इंसान इन Greenhouse gas को कम करने के बारे में seriously नहीं सोचते हैं |


सन 2000 से लेकर आज तक हमारे वातावरण में और हमारी पृथ्वी पर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा 50%  से अधिक हो चुकी है और यह बढ़ोतरी बीते वर्ष के साथ और अधिक होती जा रही है |अब सवाल यह उठता है कि जब हमें Greenhouse gas के प्रभाव दिख रहे हैं कि उससे जलवायु परिवर्तन हो रहा है फिर भी यह कम क्यों नहीं हो रही है इनका कारण क्या है ?


 इन सब का कारण क्या है कि हमारे पास इतनी टेक्नोलॉजी है फिर भी हम ग्रीन हाउस गैसों को बढ़ने से नहीं रोक पा रहे हैं  | ओके दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मैं आपको इसी के बारे में बताऊंगा |


क्या पृथ्वी को Global warming से बचाया जा सकता है ?


दोस्तों Global warming अब बढ़ती ही जा रही है इसके बढ़ने के क्या क्या कारण हैं अब ये बताते हैं  ?

दोस्तों पृथ्वी पर दिन प्रतिदिन होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide) उत्सर्जन को हम तीन तरीकों द्वारा समझ सकते हैं | सबसे पहला तो यह जनसंख्या का बढ़ना, दूसरा है विश्व की आर्थिक तरक्की और तीसरा है ऊर्जा के प्रयोग का तरीका |


दोस्तों सबसे पहले हम बात करते हैं जनसंख्या के बढ़ने के बारे में |

 दोस्तों पहले के समय में लोगों की जरूरत केवल रोटी कपड़ा और मकान थी पर आज के समय में लोगों को अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक गैजेट चाहिए और उन्हें खाने के लिए बर्गर जैसी चीजें चाहिए और जैसा कि आप सब जानते हैं कि जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे इन चीजों की मांग बढ़ती जाएगी और जब मांग बढ़ेगी तो उस मांग को पूरा करने के लिए फैक्ट्रियों में इन उत्पादों को और ज्यादा से ज्यादा बनाया जाएगा जिससे कि हमारे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड और ज्यादा बढ़ेगी | जब कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ेगी तो फिर Global warming बढ़ेगी |


 पिछले कई दशकों से पृथ्वी पर जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है और इस जनसंख्या की मांग को पूरा करने के लिए फैक्ट्रियां भी बढ़ रही है और ज्यादा से ज्यादा उत्पाद बनाए जा रहे हैं जिससे कि ज्यादा से ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड और  Greenhouse gas पैदा हो रही है | दोस्तों भविष्य में technology भी बहुत ज्यादा उन्नति करेगी  जिससे कि मतलब इस बड़ी जनसंख्या के लिए उत्पाद बनाया जा सके | दोस्तों जब ऊर्जा और संसाधन की खपत बढ़ेगी तो फिर हमारे वातावरण में carbon dioxide और greenhouse gas भी बढ़ेंगी |


जनसंख्या की बढ़ोतरी को रोकने के लिए हमें विकासशील देशों और गरीब लोगों को शिक्षित करना पड़ेगा क्योंकि सबसे अधिक जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों में ही बढ़ रही है | जाहिर है बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगाना कठिन कार्य है और जब तक यह कठिन कार्य नहीं हो  जाता तब तक पर्यावरण को स्वच्छ करने के बारे में भी सोचना दूर की बात है |


दोस्तों अब हम बात करेंगे आर्थिक तरक्की के बारे में क्यूंकि ये भी Global warming के मामले में अच्छा खासा महत्व रखता है | सामान्य शब्दों में आर्थिक तरक्की का मतलब है कि प्रत्येक व्यक्ति अमीर बनता जायेगा और जैसे जैसे अमीर बनता जायेगा वैसे वैसे उत्पादों की डिमांड बढ़ती जाएगी | जिससे प्रदूषण और बिजली की खपत बढ़ेगी | जैसे जैसे लोग अमीर बनते जायेंगे वैसे वैसे ये उत्पाद की मांग बढ़ती जाएगी और फिर इन उत्पादों का इस्तेमाल भी बढ़ेगा और फिर Global warming भी बढ़ेगी |


 उदाहरण के लिए अमेरिका में रहने वाले नागरिक अपने रहन-सहन के कारण ही गरीब देश में रहने वाले कई किसानों के बराबर प्रदूषण फैलाता है क्योंकि इन गरीब किसानों के पास धुआं छोड़ने वाली कारें नहीं हैं और ना ही इन्हें जहर उगलते कोयले के कारखानों में बनती बिजली की अधिक आवश्यकता पड़ती है मतलब साफ है कि किसी भी सभ्यता की जितनी ज्यादा तरक्की होगी उतना ही ज्यादा वह सभ्यता प्रदूषण भी फैलाएगी और आज पूरे विश्व में आर्थिक विकास की लहर दौड़ रही है तेजी से लोगों का रहन सहन का ढंग बदल रहा है पूरे विश्व से ही गरीबी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है | आने वाले समय में सभी देश तरक्की करेंगे हर देश के लोग अमीर बनेंगे वहां के निवासियों के जीवन का स्तर सुधरेगा जिस कारण कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में बढ़ोतरी होती ही रहेगी |


हेलो दोस्तों अब हम बात करेंगे ऊर्जा के प्रयोग के तरीके के बारे में क्यों कि इसका भी Global warming पर काफी असर पड़ता है | वह तो हम जानते हैं कि जनसंख्या में बढ़ोतरी और आर्थिक स्थिति में आया सुधार ही अधिक प्रदूषण और greenhouse gas में बढ़ोतरी करता है और ना ही विश्व की जनसंख्या में होती वृद्धि कम होती दिखाई दे रही है और ना ही कोई देश खुद के आर्थिक हालात खराब करके गरीब होना चाहेगा |


मतलब अभी जो पूरे विश्व में चल रहा है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि वर्तमान में ग्रीनहाउस गैसों या प्रदूषण पर लगाम कसना मुमकिन ही नहीं दिखाई पड़ता किंतु हमारा बढ़ती technology आने वाले भविष्य में शायद हमारी कुछ मदद कर पाए उदाहरण के लिए हमारे भारत में अभी भी खाना पकाने के लिए कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जा रहा है |


वहीं अगर हम विकसित देश की बात करें तो वहां इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाया जाता है और वह इंडक्शन चूल्हा Nuclear power plant से पैदा की गई बिजली से चलता है | Nuclear power plant द्वारा बिजली उत्पादित करते समय काफी कम मात्रा में greenhouse gas उत्पन्न होती है यानी हम सही तरीके से ऊर्जा के संसाधनों का इस्तेमाल करके greenhouse gas के उत्सर्जन में रोकथाम कर सकते हैं |

क्या हम पृथ्वी को Global warming से बचा पाएंगे ?

दोस्तों अंत में मैं आपसे यही कहना चाहूंगा कि Global warming की समस्या पर हमें अभी से ही ध्यान देना होगा वरना आने वाले समय में हालात बहुत ज्यादा बुरे हो जायेंगे जिन्हे संभालना बहुत ही ज्यादा मुश्किल होगा | हमें अभी और आज से ही पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के बारे में सोचना होगा क्यूंकि अगर ज्यादा समय बीत गया तो पृथ्वी को ग्लोबल वार्मिंग से बचाना बहुत ही मुश्किल हो जायेगा |


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