Tuesday, November 12, 2019

विनाश की कगार पर विकास ( jalvayu parivartan)


हेलो दोस्तों आज का जो आर्टिकल है वो है विनाश की कगार पर विकास । दोस्तों जैसा की हम सब जानते हैं की दुनिया कितनी तेजी से तरक्की मेरा मतलब है विकास कर रही है एक तरफ तो तरक्की हो रही है और दूसरी तरफ उसी तरक्की और विकास के कारण दुनिया एक खतरे की तरफ बढ़ रही है वो खतरा है जलवायु परिवर्तन । जलवायु परिवर्तन एक ऐसा खतरा है जो अभी तो समझ नहीं आ रहा लेकिन धीरे धीरे इसके असर देखने को मिलते जा रहे हैं जैसे की कभी भी कहीं पर भी बाढ़ और कभी भी कहीं पर भी सूखा ये सब जलवायु परिवर्तन का ही असर है । हम एक तरफ विकास तो कर रहे हैं और दूसरी तरफ ग्रीन हाउस गैसों को भी हमारे वातावरण में बढ़ा रहे हैं जिससे कि इसका ये असर हो रहा है कि हमारी पृथ्वी के मौसम में बदलाव आते जा रहे हैं  सर्दी ख़त्म  होती जा रही है और गर्मी बढ़ती जा रही है जिससे कि काफी समस्या हमारे सामने  आ सकती हैं या फिर हमारे सामने बहुत जल्द आने वाली हैं
jalvayu parivartan

दोस्तों इस जलवायु परिवर्तन कि वजह से हमारी पृथ्वी पर अंटार्टिका में बर्फ पिघलती जा रही है इसका परिणाम ये होगा कि हमारी पृथ्वी पर समुद्र स्तर बढ़ता जा रहा है और बढ़ता जायेगा जिससे कि आगे आने वाले समय में समुद्र  किनारे बसे  हुए शहर समुद्र में डूब सकते हैं । 
दोस्तों विकास करना कोई गलत बात नहीं है पर विनाश कि कगार पर विकास ये तो गलत है न । इसीलिए हम सबको एकजुट होकर इस बारे में सोचना होगा और इस समस्या से निपटने का तरीका सोचना होगा । अगर आप ये सोचते हैं कि हमारे अकेले से क्या होगा हम अकेले क्या कर लेंगे यार कम से काम शुरुआत तो करो अगर कुछ नहीं कर सकते तो  पेड़ तो ज्यादा से ज्यादा लगा सकते हो । जब हर इंसान ऐसा सोचेगा और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएगा तो हमारी पृथ्वी पर कुछ तो फर्क लगेगा ।

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