Tuesday, July 9, 2019

Projector क्या है और कैसे काम करता है ?

हेलो दोस्तों , आप सभी ने प्रोजेक्टर तो देखा ही होगा किसी फंक्शन में, किसी स्कूल या कॉलेज में या किसी और जगह । आजकल प्रोजेक्टर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है । आज के समय में स्कूल या कॉलेज में भी प्रोजेक्टर का इस्तेमाल काफी बढ़ चुका है । जहाँ पहले टीचर्स ब्लैकबोर्ड पर chalk से पढ़ाते थे उसमे उन्हें बार बार लिखना और मिटाना पड़ता था पर आज के समय में अगर टीचर को कुछ समझाना होता है तो वो प्रोजेक्टर कि मदद से आसानी से बच्चों को समझा सकते हैं । अब उन्हें न तो बार बार लिखने कि टेंशन है और न ही मिटाने की अब टीचर आसानी से और कम समय में बच्चों को कुछ भी समझा सकते हैं ।

Projector क्या है ?


Projector

अगर आसान शब्दों में कहें तो प्रोजेक्टर एक ऐसा आउटपुट डिवाइस है जो किसी इमेज या वीडियो को किसी बड़ी सतह या दीवार या किसी और बड़ी स्क्रीन पर प्रोजेक्ट करता है । ज्यादातर प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कॉलेज में प्रेजेंटेशन के लिए , घर पर मूवीज या वीडियोस बड़ी स्क्रीन पर देखने के लिए होता है । प्रोजेक्टर बहुत तरह के होते हैं और इनकी कैपेसिटी भी अलग अलग होती है । प्रोजेक्टर का इस्तेमाल करने के लिए हमें एक सफ़ेद रंग की या फिर हलके रंगीन कलर की सरफेस की जरुरत होती है जिससे की इमेज या वीडियो साफ़ साफ़ दिखे ।
प्रोजेक्टर में इनपुट के लिए बहुत सारे पोर्ट होते हैं अलग अलग डिवाइस के हिसाब से , कुछ प्रोजेक्टर तो ऐसे भी आते हैं जिसमे WI-FI या ब्लूटूथ भी होता है । जिससे की आसानी से अलग अलग डिवाइस से कनेक्ट हो सके ।

प्रोजेक्टर के प्रकार  (Types of Projectors )
प्रोजेक्टर बहुत प्रकार के होते हैं पर  मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं वे इस प्रकार हैं :-
1. DLP. (Digital light Processing.)
2. LCD. (Liquid crystal Display.)
3. CRT. (Cathode Ray Tube.)

1. DLP  - DLP का फुल फॉर्म होता है  Digital Light Processing. DLP टेक्नोलॉजी  वो टेक्नोलॉजी होती है जो एक चिप पर depend होती है और उस चिप को हम लोग DMD चिप बोलते हैं । DMD का फुल फॉर्म होता है डिजिटल माइक्रो मिरर डिवाइस । इसमें कई मिलियंस मिरर होते हैं जो कि rotate करते रहते हैं । जो dark  या  light Pixel बनाता है वो भी लाइट source से दूर या पास move होकर । यहाँ पर इमेज grayscale में होती है । फिर उसके बाद DMD light की सहायता से color दिया जाता है । जो कि DMD chip तक पहुंचने से पहले एक spinning color  के चक्र से pass होता है । फिर चक्र का हर एक भाग color प्रदान  करता है । ये चिप्स कई मिलियंस कलर बना सकती हैं ।  जब कलर DMD तक पहुंच जाता है उसके बाद image lens की सहायता से screen पर project की जाती है ।

2. LCD - LCD का फुल फॉर्म होता है  Liquid crystal display.एलसीडी प्रोजेक्टर का इस्तेमाल वीडियो, इमेज या किसी और डाटा को किसी अन्य  flat  सरफेस में दिखाने के लिए किया जाता है  ।




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